छत्तीसगढ़ बजट 2026: क्या ₹2 लाख करोड़ का ‘ऐतिहासिक बजट’ बदलेगा प्रदेश की तस्वीर? किसानों और महिलाओं के लिए पिटारे में क्या?

रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन जहाँ बजट सत्र 2026 आयोजित होगा
Spread the love

रायपुर (दुनिया दस्तक): छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार अपने कार्यकाल का तीसरा और प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश करने जा रही है। राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार का बजट ₹2 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर सकता है। 23 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र पर प्रदेश के हर वर्ग—चाहे वह खेत में पसीना बहाता किसान हो, घर संभालती ‘महतारी’ हो या नौकरी की राह ताकता युवा—सबकी नज़रें टिकी हैं।

बजट से जुड़ी अधिक जानकारी और पिछले वर्षों के बजट आंकड़े देखने के लिए आप छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग की वेबसाइट पर जा सकते हैं

किसानों के लिए ‘होली का तोहफा’ और बड़ा ऐलान

छत्तीसगढ़ की आत्मा गाँवों में बसती है और बजट का सबसे बड़ा हिस्सा किसानों के इर्द-गिर्द घूमने वाला है। बजट से पहले ही साय कैबिनेट ने 25 लाख किसानों को ₹10,000 करोड़ की धान के अंतर की राशि (Bonus) होली से पहले देने का फैसला कर लिया है।

  • बड़ी उम्मीद: इस बजट में ‘कृषक उन्नति योजना’ के लिए रिकॉर्ड आवंटन हो सकता है। चर्चा है कि सरकार धान खरीदी के लक्ष्य को और बढ़ाने और सिंचाई सुविधाओं के लिए नई परियोजनाओं का ऐलान कर सकती है।

यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़ धान बोनस महा-अपडेट: होली से पहले 25 लाख किसानों के खातों में बरसेगा पैसा, साय कैबिनेट का ऐतिहासिक ‘एकमुश्त’ भुगतान का फैसला

‘महतारी वंदन’ का विस्तार और महिलाओं की उम्मीदें

प्रदेश की लाखों महिलाएं हर महीने ₹1000 की किश्त का इंतज़ार करती हैं। इस बजट में महतारी वंदन योजना के दायरे को बढ़ाने या राशि में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर भी चर्चा गरम है। इसके अलावा, महिला स्व-सहायता समूहों के लिए कम ब्याज पर लोन और नए ‘लखपति दीदी’ क्लस्टर्स बनाने की घोषणा हो सकती है।

यह भी पढ़ें :  छत्तीसगढ़ राज्यसभा चुनाव 2026: क्या इस बार दिल्ली दरबार में गूँजेगी असली ‘छत्तीसगढ़िया’ दहाड़? या फिर बाहरी चेहरों को मिलेगी तवज्जो?

युवाओं के लिए ‘GYAN’ और ‘GATI’ का संगम

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने संकेत दिए हैं कि बजट ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के विज़न पर आधारित होगा। युवाओं के लिए इस बार कुछ खास हो सकता है:

  • शिक्षा और कौशल: नवा रायपुर में ‘एजुकेशन सिटी’ और प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नए आईटी पार्क (IT Parks) की स्थापना।
  • खेल इंफ्रास्ट्रक्चर: छोटे शहरों में रिंग रोड और खेल परिसरों का निर्माण, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिले।

बुनियादी ढांचा: छोटे शहरों में दिखेंगे बड़े बदलाव

इस बार बजट का फोकस केवल रायपुर या बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। आर्थिक जानकारों का मानना है कि छोटे और मध्यम शहरों में रिंग रोड (Ring Roads) और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए ‘मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना’ जैसे प्रोजेक्ट्स को रफ़्तार मिलेगी। बस्तर और सरगुजा जैसे पर्यटन क्षेत्रों को ‘इंडस्ट्री’ का दर्जा मिलने से वहां स्वरोज़गार के नए रास्ते खुलेंगे।

विपक्ष का रुख और जनता की अदालत

जहां सरकार इसे ‘विकास का बजट’ बता रही है, वहीं विपक्ष (कांग्रेस) ने अभी से इसे ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ कहना शुरू कर दिया है। लेकिन हकीकत यह है कि 141 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी के बाद सरकार का मनोबल ऊँचा है। जनता यह देखना चाहती है कि बढ़ती महंगाई के बीच क्या पेट्रोल-डीजल पर वैट (VAT) कम करके या टैक्स में कोई राहत देकर सरकार आम आदमी की जेब को थोड़ी राहत देगी?

यह सिर्फ बजट नहीं, उम्मीदों का पिटारा है

23 फरवरी से शुरू होने वाला यह सत्र तय करेगा कि छत्तीसगढ़ आने वाले एक साल में विकास की किस पटरी पर दौड़ेगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के ‘डिजिटल और पारदर्शी बजट’ से भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने की उम्मीद है।


विशेष विश्लेषण: टीम दुनिया दस्तक (Duniya Dastak)

बजट की हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए जुड़े रहें duniyadastak.com के साथ।


Spread the love

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *