सूरजपुर/लटोरी (दुनिया दस्तक): छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने न केवल कानून व्यवस्था को चुनौती दी है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी तार-तार कर दिया है। यहाँ कुछ युवाओं ने अपनी दबंगई और रसूख दिखाने के चक्कर में अंबिकापुर-बनारस स्टेट हाईवे को बंधक बना लिया। बीच सड़क पर आतिशबाजी और केक काटने के इस ‘खूनी खेल’ में एक एम्बुलेंस भी फंसी रही, जिसमें मरीज की जान हलक में अटकी थी।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना सूरजपुर जिले के लटोरी चौकी क्षेत्र की है। बीती रात करीब दर्जन भर युवाओं ने एक स्थानीय रसूखदार दोस्त का जन्मदिन मनाने के लिए हाईवे को चुना। युवाओं ने अपनी लग्जरी गाड़ियों को सड़क के बीचों-बीच आड़ा-तिरछा खड़ा कर दिया, जिससे हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। देखते ही देखते करीब 1 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, लेकिन इन हुड़दंगियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा।
एम्बुलेंस का सायरन गूँजता रहा, पर दिल नहीं पसीजा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि एक एम्बुलेंस लगातार सायरन बजा रही है, लेकिन जश्न में डूबे युवाओं ने उसे रास्ता देने के बजाय कार की बोनेट पर केक काटा। हाईवे पर ही भारी मात्रा में पटाखे फोड़े गए, जिससे वहां से गुजरने वाले अन्य राहगीर भी सहम गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जब कुछ लोगों ने रास्ता छोड़ने की गुहार लगाई, तो युवाओं ने उनके साथ भी बदतमीजी की।

‘आतिशबाजी के बीच जाम एंम्बूलेंस’
कानून की उड़ी धज्जियां: हाईकोर्ट के आदेश बेअसर
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने हाल ही में सख्त निर्देश जारी किए थे कि सड़कों पर इस तरह के आयोजन और सार्वजनिक बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। बावजूद इसके, सूरजपुर में सरेराह इस तरह का हुड़दंग पुलिस की सक्रियता पर भी सवालिया निशान लगाता है। यह पहली बार नहीं है जब छत्तीसगढ़ के किसी जिले में इस तरह ‘बर्थडे बम’ फोड़ने के नाम पर अराजकता फैलाई गई हो।
लटोरी पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई
वीडियो के सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। सूरजपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर लटोरी चौकी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने वीडियो फुटेज और गाड़ियों के नंबर के आधार पर मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली है।
पुलिस ने बताया कि:
- आरोपियों के खिलाफ IPC (भारतीय न्याय संहिता) की गंभीर धाराओं और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
- एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को रोकने के आरोप में अतिरिक्त कार्रवाई की जा रही है।
- हुड़दंग में शामिल वाहनों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
समाज के लिए एक चिंताजनक संदेश
यह घटना केवल एक जाम या जश्न की बात नहीं है, बल्कि यह युवा पीढ़ी में बढ़ती ‘रील्स’ की भूख और कानून के प्रति घटते डर को दर्शाती है। सोशल मीडिया पर लाइक्स और कमेंट्स पाने के चक्कर में युवा इस हद तक गिर रहे हैं कि उन्हें किसी की जान की भी परवाह नहीं रह गई है। अगर उस एम्बुलेंस में किसी मरीज की जान चली जाती, तो इस जश्न का जिम्मेदार कौन होता?
निष्कर्ष और अपील
दुनिया दस्तक अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि जन्मदिन या कोई भी खुशियाँ मनाएं, लेकिन दूसरों की जान जोखिम में डालकर नहीं। सड़क पर स्टंट करना, जाम लगाना या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाना आपको ‘कूल’ नहीं, बल्कि ‘अपराधी’ बनाता है।
सूरजपुर पुलिस की यह कार्रवाई उन सभी के लिए एक सबक है जो कानून को अपनी जेब में समझते हैं। देखना होगा कि आने वाले समय में पुलिस ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पेट्रोलिंग में क्या बदलाव करती है।
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