जांजगीर-चांपा (दुनिया दस्तक): छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। एक माता-पिता के लिए उनके बच्चों से बढ़कर कुछ नहीं होता, और जब इकलौता जवान बेटा दुनिया छोड़ जाए, तो जीवन का आधार ही खत्म हो जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ शिवरीनारायण क्षेत्र के धरदेई गांव में, जहां एक दंपत्ति ने अपने बेटे की मौत के गम में तड़पते हुए आखिरकार मौत को गले लगा लिया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, धरदेई गांव के रहने वाले कृष्णा पटेल (48 वर्ष), जो पेशे से राजमिस्त्री थे, और उनकी पत्नी रामाबाई पटेल (47 वर्ष) सोमवार सुबह अपने घर के आंगन में एक पेड़ से फांसी पर लटके पाए गए। इस मंजर को देखकर पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। पड़ोसियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शिवरीनारायण पुलिस मौके पर पहुँची।
जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, वे किसी की भी आंखों में आंसू ला देने के लिए काफी हैं। पुलिस को मौके से चार पन्नों का एक सुसाइड नोट और एक भावुक वीडियो मिला है, जिसे दंपत्ति ने आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले रिकॉर्ड किया था।
“हंसते हुए विदा करना…”: सुसाइड नोट की दर्दभरी दास्तां
सुसाइड नोट में दंपत्ति ने लिखा है कि वे यह कदम पूरी तरह से अपने ‘होश-ओ-हवास’ और अपनी ‘मर्जी’ से उठा रहे हैं। उन्होंने रिश्तेदारों और ग्रामीणों से एक अजीब लेकिन दिल चीर देने वाली विनती की है। उन्होंने लिखा, “हमें दुखी होकर नहीं, बल्कि हंसते हुए दिल से विदा करना।”
नोट में आगे कृष्णा पटेल ने अपने इकलौते बेटे आदित्य पटेल (21 वर्ष) को अपने जीवन की ‘नींव’ बताया। उन्होंने लिखा कि बेटे के बिना जीवन एक बोझ बन गया है और वे इस असहनीय दर्द को और अधिक सहन करने में सक्षम नहीं हैं।

वीडियो में भाइयों के लिए हक की मांग
दंपत्ति ने मरने से पहले एक वीडियो भी बनाया, जिसमें वे एक वकील से अनुरोध करते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने विनती की है कि उनके बेटे आदित्य की दुर्घटना से संबंधित जो भी बीमा दावा (Insurance Claim) या मुआवजा लंबित है, वह उनके बड़े भाइयों (कुलबहरा पटेल और जलबहरा पटेल) को दिया जाए। यह वीडियो दर्शाता है कि अंतिम समय में भी वे अपनों की फिक्र कर रहे थे।
एक साल पहले सड़क हादसे ने छीनी थी खुशियां
स्थानीय लोगों के अनुसार, कृष्णा और रामाबाई का इकलौता बेटा आदित्य साल 2024 में मस्तुरी इलाके में एक सड़क हादसे का शिकार हो गया था। आदित्य की मौत के बाद से ही घर की खुशियां मातम में बदल गई थीं। माता-पिता गहरे सदमे में थे और अक्सर गुमसुम रहा करते थे। भले ही उनके घर में अन्य सदस्य थे, लेकिन इकलौते बेटे का जाना उनके लिए जीवन के अंत जैसा था।
पुलिस की कार्रवाई और संदेश
शिवरीनारायण पुलिस ने मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में किसी बाहरी संलिप्तता के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन सुसाइड नोट और वीडियो की गहराई से जांच की जा रही है।
दुनिया दस्तक की अपील: यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि मानसिक स्वास्थ्य और अपनों का साथ कितना ज़रूरी है। दुख की घड़ी में अपनों को अकेला न छोड़ें। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया किसी भरोसेमंद मित्र, परिवार के सदस्य या प्रोफेशनल काउंसलर से बात करें। जीवन अनमोल है।
अहम जानकारी: जांजगीर-चांपा पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। इस घटना की अधिक जानकारी के लिए आप The Times of India की रिपोर्ट पढ़ सकते हैं। दुनिया दस्तक पाठकों से अपील करता है कि यदि आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो कृपया हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
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