रायपुर/राजिम: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने 1.72 लाख करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश किया है। इस बजट को ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। बजट में किसानों, महिलाओं और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर दिया गया है, लेकिन इसकी घोषणाओं को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
सत्तापक्ष की प्रतिक्रिया: “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय”

छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष चंदूलाल साहू ने बजट की सराहना करते हुए इसे समावेशी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट अन्नदाता किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।
- किसानों के लिए सौगात: कृषक उन्नति योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये और बिजली सब्सिडी के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (1,700 करोड़) और ग्रामीण आवास (4,000 करोड़) के माध्यम से गांवों के बुनियादी ढांचे को सुधारने का लक्ष्य है।
- मातृशक्ति का सम्मान: महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन शुल्क में 50% की छूट को एक ऐतिहासिक कदम बताया गया है।
भाजपा नेता श्याम अग्रवाल ने इसे आर्थिक रूप से अनुशासित बजट बताया। उन्होंने कहा कि 2.87 प्रतिशत का नियंत्रित राजकोषीय घाटा राज्य के बेहतर वित्तीय प्रबंधन का प्रमाण है। वहीं, नागेंद्र वर्मा ने इसे ‘ज्ञान और गति का संगम’ करार दिया।
छत्तीसगढ़ सरकार के वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तृत प्रति आप छत्तीसगढ़ विधानसभा की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
विपक्ष का प्रहार: “आंकड़ों का खेल और जुमलों का पुलिंदा”
विपक्षी दलों ने बजट की आलोचना करते हुए इसे जमीनी हकीकत से दूर बताया है।

- कांग्रेस (नेता प्रतिपक्ष संध्या राव): उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में युवाओं के रोजगार के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। शिक्षित युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं, लेकिन सरकार केवल भाषणों तक सीमित है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और महंगाई के मुद्दों पर भी सरकार को घेरा।

- आम आदमी पार्टी (मोहन चक्रधारी): ‘आप’ नेता ने कहा कि बजट में घोषणाओं की चमक तो है, लेकिन क्रियान्वयन की रणनीति गायब है। उन्होंने महतारी वंदन योजना से वंचित महिलाओं के नाम फिर से जोड़ने की मांग की और पिछले वर्ष की योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक करने को कहा।
महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान
भाजपा महिला मोर्चा की श्रीमती माधुरी साहू ने बजट को “महतारी गौरव” का प्रतीक बताया।
- महतारी वंदन योजना: इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- अन्य योजनाएं: 250 महतारी सदनों का निर्माण, रानी दुर्गावती योजना के तहत बालिकाओं को 1.50 लाख रुपये की सहायता और लखपति दीदी योजना जैसी पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगी।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ का यह बजट जहाँ एक ओर राज्य को औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के मामले में सशक्त बनाने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे चुनावी वादों और आंकड़ों की बाजीगरी बता रहा है। अब देखना यह होगा कि बजट में किए गए ये भारी-भरकम प्रावधान धरातल पर कितनी तेजी से उतरते हैं और आम आदमी के जीवन में क्या बदलाव लाते हैं।
हमारे व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें



