रायपुर (दुनिया दस्तक): छत्तीसगढ़ के विकास की गाथा अब आंकड़ों में भी साफ नजर आने लगी है। राज्य बनने के बाद जहां प्रदेश का पहला बजट महज 5,000 करोड़ रुपये के आसपास था, वहीं अब यह 35 गुना बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के विजन ने इस बजट को केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का रोडमैप बना दिया है।
35 गुना बढ़ा बजट: एक ऐतिहासिक छलांग
छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में आया यह उछाल चौंकाने वाला है। जानकारों का कहना है कि साल 2000-2001 में जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था, तब बजट का आकार बहुत सीमित था। लेकिन पिछले दो दशकों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में हुए निवेश ने राजस्व प्राप्ति के नए रास्ते खोले हैं। 1.72 लाख करोड़ का यह बजट दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ अब देश की मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की ओर अग्रसर है।
इस बार के बजट में क्या है सबसे खास?
1. ‘अमृत काल’ का विजन: इस बार के बजट में सरकार ने अगले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखा है। इसमें ‘पूंजीगत व्यय’ (Capital Expenditure) पर विशेष जोर दिया गया है, जिसका सीधा मतलब है कि राज्य में सड़कों, पुलों, स्कूलों और अस्पतालों के निर्माण पर भारी निवेश होगा।
2. कृषि और किसान कल्याण: छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए बजट का एक बड़ा हिस्सा ‘कृति उन्नति योजना’ और सिंचाई परियोजनाओं के लिए आरक्षित किया गया है। धान खरीदी के बोनस और नई सिंचाई तकनीकों के लिए प्रावधान किए गए हैं ताकि किसानों की आय दोगुनी की जा सके।
3. महतारी वंदन और महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ‘महतारी वंदन योजना’ को इस बार भी प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा महिला स्व-सहायता समूहों के लिए कम ब्याज पर ऋण और कौशल विकास के लिए करोड़ों का प्रावधान है।
4. डिजिटल छत्तीसगढ़ और शिक्षा: बजट में आईटी हब (जैसे नवा रायपुर) के विकास और सरकारी स्कूलों को हाई-टेक बनाने के लिए विशेष फंड जारी किया गया है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए स्टार्टअप्स को रियायतें दी गई हैं।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
1.72 लाख करोड़ के इस भारी-भरकम बजट का असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ेगा। सरकार का दावा है कि बिना किसी नए कर (Tax) के बोझ के, राजस्व बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए नई मेडिकल कॉलेजों और सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों की घोषणा इस बजट का मुख्य आकर्षण है।
चुनौतियां और संभावनाएं
बजट का आकार बढ़ना खुशी की बात है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इन पैसों का सही समय पर और सही जगह उपयोग (Utilization) करना है। विपक्ष का तर्क है कि कर्ज का बोझ भी बढ़ रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि विकास के लिए निवेश जरूरी है और राज्य की जीडीपी (GSDP) में लगातार सुधार हो रहा है।
छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: मुख्य आकर्षण (Highlights)
- ऐतिहासिक आकार: छत्तीसगढ़ का कुल बजट अब 1.72 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है, जो राज्य गठन के समय के बजट से 35 गुना अधिक है।
- विकसित छत्तीसगढ़ @2047: इस बजट का मुख्य आधार ‘अमृत काल’ की नींव रखना है, जिसमें अगले 25 वर्षों के विकास का रोडमैप तैयार किया गया है।
- पूंजीगत व्यय में वृद्धि: बुनियादी ढांचे (सड़क, पुल, भवन) के निर्माण के लिए बजट में भारी बढ़ोतरी की गई है, ताकि राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
- महतारी वंदन योजना: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए इस योजना के तहत फंड का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित किया गया है।
- शिक्षा में क्रांति: प्रदेश में नए ‘पीएम श्री’ स्कूलों और डिजिटल लर्निंग सेंटर्स की स्थापना के लिए विशेष प्रावधान।
- स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार: राज्य के दूरदराज इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए नए मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का जाल बिछाया जाएगा।
- आईटी और नवा रायपुर: नवा रायपुर को एक बड़े IT और बिजनेस हब के रूप में विकसित करने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा।
- कृषि उन्नति योजना: किसानों को धान का सही मूल्य और समय पर बोनस देने के लिए पर्याप्त बजट आवंटित।
- बस्तर और सरगुजा का विकास: जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘विशेष क्षेत्र विकास’ फंड।
- युवा और स्टार्टअप: युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सब्सिडी और स्टार्टअप्स के लिए ‘इन्क्यूबेशन सेंटर’ की स्थापना।
भविष्य की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
5,000 करोड़ से 1.72 लाख करोड़ तक का यह सफर छत्तीसगढ़ के लोगों के संघर्ष और मेहनत का परिणाम है। यह बजट न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक समृद्ध प्रदेश की नींव भी रखता है।
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