जांजगीर-चांपा (दुनिया दस्तक): छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि डिजिटल दौर में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के लक्षनपुर गांव में 12वीं की एक छात्रा ने अपने प्रेमी से वीडियो कॉल पर बात करते हुए मौत को गले लगा लिया। जब तक माता-पिता घर लौटे, उनकी खुशियां मातम में बदल चुकी थीं और बेटी का शव पंखे से झूल रहा था।
दोपहर का सन्नाटा और चीखती खामोशी
मिली जानकारी के अनुसार, लक्षनपुर निवासी 18 वर्षीय रजनी प्रधान 12वीं कक्षा की छात्रा थी। गुरुवार दोपहर को उसके माता-पिता रोज की तरह मजदूरी करने घर से बाहर गए हुए थे। रजनी घर में अकेली थी। दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच, जब गांव में सन्नाटा था, रजनी ने अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
शाम को जब थके-हारे माता-पिता घर लौटे, तो उन्हें उम्मीद थी कि बेटी पानी लेकर आएगी या पढ़ाई करती मिलेगी। लेकिन कमरे का दरवाजा खोलते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सामने उनकी लाडली की लाश फंदे पर लटकी थी। माता-पिता की चीख सुनकर पड़ोसी जमा हो गए, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
वीडियो कॉल पर ‘लाइव’ सुसाइड?
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब छात्रा का प्रेमी खुद सिटी कोतवाली थाने जा पहुँचा। उसने पुलिस को बताया कि रजनी ने उससे वीडियो कॉल पर बात करते समय फांसी लगाई है। युवक के बयान ने पुलिस को भी हैरत में डाल दिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि दोनों के बीच बातचीत के दौरान कुछ ऐसा हुआ या कोई ऐसी अनबन हुई, जिसने छात्रा को इस आत्मघाती कदम के लिए उकसाया।
पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से वीडियो कॉल की रिकॉर्डिंग और चैट्स को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है ताकि आत्महत्या की असली वजह सामने आ सके।
हंसमुख स्वभाव और परीक्षा का समय
रजनी के पड़ोसियों और ग्रामीणों का कहना है कि वह स्वभाव से बहुत मिलनसार और पढ़ाई में होशियार थी। 12वीं की छात्रा होने के नाते वह अपनी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक, उसके व्यवहार में कभी कोई तनाव या चिंता नहीं दिखी। ऐसे में अचानक उठाए गए इस कदम ने पूरे लक्षनपुर गांव को शोक में डुबो दिया है।
पुलिस की तफ्तीश के मुख्य बिंदु
जांजगीर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच के केंद्र में ये 3 मुख्य बिंदु हैं:
- सीडीआर (CDR) जांच: पुलिस छात्रा के कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि पता चले कि पिछले कुछ दिनों में वह किन लोगों के संपर्क में थी।
- प्रेमी से पूछताछ: जिस युवक ने थाने में सरेंडर किया है, उससे गहन पूछताछ की जा रही है कि वीडियो कॉल के दौरान आखिर क्या बात हुई थी।
- पारिवारिक और व्यक्तिगत तनाव: क्या छात्रा पर शादी का दबाव था या प्रेम संबंध में कोई तीसरा व्यक्ति आ गया था, पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
Duniya Dastak की अपील: संवाद ही समाधान है
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमारे आसपास के युवा किस कदर मानसिक दबाव में जी रहे हैं। वीडियो कॉल पर सुसाइड जैसी घटनाएं ‘डिजिटल ट्रॉमा’ की ओर इशारा करती हैं। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों के व्यवहार में आ रहे बदलावों पर नजर रखें और उनके साथ एक दोस्त की तरह संवाद करें।
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